कैबिनेट विस्तार की चर्चाए गरम होते ही मौजूदा विधायकों और मंत्रियो में हलचल बढ़ गयी है, आलम यह है की कुछ के दिल्ली तक पहुचने की सूचना मिल रही है, वही आज वर्तमान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी दिल्ली दौरे पर है, उन्होंने दिल्ली पहुंचते ही सर्वप्रथम उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम से शिष्टाचार भेट की, सूत्रों की माने तो अटकले लगाई जा रही है की गणेश जोशी पर विपक्ष के आय से अधिक संपत्ति के आरोपों के चलते कैबिनेट मिनिस्टर गणेश जोशी की कुर्सी खतरे में है। इस कुर्सी को बचाने के लिए ही गणेश जोशी ने कैबिनेट विस्तार की चर्चाए गर्म होने के बाद दिल्ली का रुख किया, शायद उन्हें भी अपनी कुर्सी और पद पर लटकती हुई तलवार साफ़ नज़र आ रही है।
कैबिनेट विस्तार में कुछ मंत्रियो के पदों में उलटफेर या बदलाव की संभावनाए भी व्यक्त की जा रही है, हालांकि फैसला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेना है, पर उसके लिए भी हाई कमान की मंज़ूरी ज़रूरी है। इससे साफ़ तौर पर देखा जा सकता है की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी हाई कमान के फैसलों पर ही कैबिनेट विस्तार का निर्णय लेंगे।
गौरतलब है कि विपक्ष कई बार गणेश जोशी के द्वारा आय से अधिक संपत्ति मुद्दे पर सवाल और उनके पास रहे कृषि विभाग में हो रहे घोटालो के बारे में कई बार प्रेस कांफ्रेंस करके बात कर चूका है, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी गणेश जोशी के आय से अधिक संपत्ति और कृषि विभाग में विपक्ष के अनुसार हो रहे घोटालो में विपक्ष के तीखे सवालो का सामना करना पड़ा है।
अगर वाकई में कैबिनेट विस्तार भविष्य में होना तय है तो क्या कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की कुर्सी और पद बचा रहेगा? और अगर गणेश जोशी की कुर्सी और पद जाते है तो क्या आने वाले 2027 के विधानसभा चुनावो में गणेश जोशी पुनः मसूरी विधानसभा सीट से जीत पाएंगे? खैर जो भी होगा यह भविष्य में यह एक बड़ा सवाल सामने आता दिखाई दे रहा है।








