वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर जनपद की पुलिस ने एक व्यापक और आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें जिले के सभी थाना क्षेत्रों में स्थित होटलों और लॉजिंग प्रतिष्ठानों को शामिल किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य होटल व्यवसाय में पारदर्शिता बनाए रखना, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखना और कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करना रहा।
हर थाना क्षेत्र में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने मारा छापा
रविवार को चले इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने होटल परिसरों का गहन निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रत्येक होटल में जाकर एंट्री रजिस्टर की जांच की और यह सुनिश्चित किया कि सभी आने-जाने वालों का पूरा विवरण विधिवत रूप से दर्ज किया गया है या नहीं।
इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, उनकी कार्यशीलता और रिकॉर्डिंग की गुणवत्ता की भी जांच की गई। जिन होटलों में कैमरे ठीक से काम नहीं कर रहे थे या रिकॉर्डिंग व्यवस्थित रूप से नहीं हो रही थी, उन्हें तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
होटल संचालकों को दिए गए सख्त दिशा-निर्देश
चेकिंग के दौरान पुलिस अधिकारियों ने सभी होटल स्वामियों और प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे प्रत्येक आगंतुक की पहचान सुनिश्चित करें। हर आगंतुक से पहचान पत्र लेना अनिवार्य किया गया है, साथ ही उसका विवरण रजिस्टर में सही तरीके से दर्ज करना होगा।
पुलिस ने कहा कि यह अभियान सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत आवश्यक है, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व होटल परिसर का दुरुपयोग न कर सके।
मानकों की अनदेखी पर चेतावनी, होगी वैधानिक कार्यवाही
एसएसपी द्वारा जारी निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, रिकॉर्ड में गड़बड़ी या फिर संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त होने के संकेत मिलेंगे, उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने सभी होटल मालिकों को यह चेतावनी भी दी कि भविष्य में यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित प्रबंधन को किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।
पुलिस की सक्रियता से अपराधियों में हड़कंप
इस अचानक हुई चेकिंग से होटल व्यवसायियों में हलचल देखी गई, वहीं शहर में सक्रिय आपराधिक या संदिग्ध तत्वों में भी हड़कंप मच गया। पुलिस की यह कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और समाज में अपराध के खिलाफ सख्त संदेश देने के उद्देश्य से की गई।
एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने स्पष्ट कहा कि शहर की शांति व्यवस्था के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस अभियान को आगे भी समय-समय पर दोहराया जाएगा ताकि होटल व लॉजिंग व्यवसाय में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे और कोई भी प्रतिष्ठान असामाजिक तत्वों का अड्डा न बन सके।












