पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मृतका के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के एक पैनल—जिसमें महिला चिकित्सक भी शामिल थीं—द्वारा कराया गया। प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ यौन शोषण या शारीरिक चोटों के कोई स्पष्ट निशान नहीं पाए गए हैं, हालांकि पुलिस का कहना है कि विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ऋषिकेश की निगरानी में गठित हुई विशेष जांच टीम
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एसपी ऋषिकेश के पर्यवेक्षण और सीओ ऋषिकेश के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है। इस टीम में स्थानीय पुलिस के अलावा AHTU, SOG और फील्ड यूनिट के अधिकारी भी शामिल हैं। टीम को घटना से जुड़े सभी भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य इकट्ठा कर उनका वैज्ञानिक परीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।
घटनास्थल सील, फॉरेंसिक जांच जारी
पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और फॉरेंसिक टीम द्वारा मौके का निरीक्षण कर फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी एवं जरूरी सबूत इकट्ठे किए गए हैं। साथ ही, घटना के समय मृतका के साथ मौजूद अन्य बालिकाओं की स्वतंत्र काउंसलर से काउंसलिंग करवाई जा रही है ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।
भ्रामक प्रचार और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर भी होगी कार्रवाई
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि घटना को लेकर सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से लोगों को गुमराह करने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे कुछ तत्वों की पहचान कर ली गई है। ऐसे लोगों पर भी जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी देहरादून ने कहा “हर दोषी को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा”
एसएसपी देहरादून ने स्पष्ट किया कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और किसी भी सूरत में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की प्राथमिकता है कि निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्य आधारित जांच कर दोषियों के खिलाफ ठोस पैरवी अदालत में की जाए।









