देहरादून 10 सितंबर। भाजपा विधायक और वरिष्ठ नेता श्री विनोद चमोली ने प्रदेश में SIR को जरूरी बताते हुए पूर्व सीएम हरीश रावत द्वारा डेमोग्राफी परिवर्तन को स्वीकारने पर निशाना साधा है। वहीं जोर देते हुए कहा, धामी सरकार द्वारा धर्मांतरण, अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई से डेमोग्राफी परिवर्तन पर रोक के बाद, अब अगला कदम SIR होना चाहिए। वहीं नेपाल के हालात को सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ वहां सनातन के लिए भी चुनौती बताया है।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों द्वारा उनके पूर्व के SIR वाले बयान पर स्पष्ट किया कि प्रदेश की डेमोग्राफी परिवर्तन को लेकर सभी लोग चिंतित हैं। इस संबंध में पूर्व सीएम हरीश रावत के बयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब तो वे भी मान रहे हैं, प्रदेश में डेमोग्राफी परिवर्तन हुआ है। अब ये बात अलग है कि वह इसे कांग्रेस के चश्मे से देखते हैं और 2014 के बाद अधिक परिवर्तन बताते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा डेमोग्राफी परिवर्तन को लेकर चिंता केवल मेरी नहीं बल्कि प्रत्येक प्रदेशवासी की है। इसकी गंभीरता को देखते हुए ही विधायकों द्वारा इस पर सदन में चर्चा की गई और इसे प्रवर समिति को सौंपा गया। यह हम सब की जिम्मेदारी है कि डेमोक्रेसी परिवर्तन को रोका जाए, क्योंकि प्रत्येक क्षेत्र की अपनी एक विशेष संस्कृति और परंपरा होती है। जो लोग बाहर से आते हैं वह अपनी संस्कृति और परंपरा लेकर आते हैं जिसका स्थानीय लोगों पर प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है, जिससे हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है। हमें ऐसे तरीके तो अपनाने ही होंगे कि गलत मंशा से जो लोग बाहर से आए हैं उनकी पहचान हो।
उन्होंने विगत कुछ वर्षों में पहाड़ में सामने आई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं पहले कभी नहीं सुनी गई और 5 सालों में इस संबंध में अनेकों आंदोलन तक हुए। यह हमारे लिए चिंता का विषय है और इसीलिए डेमोक्रेसी चेंज पर चर्चा हो रही है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा, भाजपा और हमारी सरकार प्रदेश की डेमोग्राफी और सनातनी संस्कृति के संरक्षण को लेकर बेहद गंभीर है। मुख्यमंत्री धामी ने कठोर धर्मांतरण कानून, दंगारोधी कानून, अवैध धार्मिक अतिक्रमणों पर कार्रवाई, यूसीसी आदि ऐतिहासिक कदम उठाकर डेमोग्राफी परिवर्तन की कोशिशों पर रोक लगाई है। लिहाजा मेरा स्पष्ट मानना है कि इस दिशा में अगला कदम होना चाहिए SIR ताकि राज्य में अवैध तरीके से बसे लोगों पर पूर्णतया लगाम कसी जा सकें।
वहीं नेपाल के हालात को लेकर पूछे सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, सीमावर्ती राज्य होने के कारण हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है। लेकिन हमें मालूम है कि नेपाल एक ऐसामात्र ऐसा देश है जिसे पूर्णता हिंदू राष्ट्र कहा जा सकता है। आज जिस प्रकार का वहां दृश्य बना है, जिस प्रकार की अस्थिरता नेपाल में आ रही है वह पूरे सनातन पर चोट करने वाली भी है।








