भाजपा नेता हत्याकांड का मुख्य आरोपी अमान गिरफ्तार, भीड़ ने फूंका घर; दहल उठा था देहरादून
इससे पहले पुलिस घटना में नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। तीन आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
सहसपुर कोतवाल प्रदीप रावत के मुताबिक, गुरुवार को पकड़े गए आरोपियों में मुख्य आरोपी अमान पुत्र मासूम, सावेज पुत्र अल्लारक्खा और आजम पुत्र युनूस निवासी ग्राम बैरागीवाला शामिल हैं। इनके खिलाफ मृतक भाजपा नेता के परिजनों की ओर से हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। यह विवाद नलकूप से सिंचाई के पानी को लेकर हुआ था। भाजपा नेता की हत्या के बाद बैरागीवाला में जमकर बबाल हुआ था। घटना के अगले दिन भीड़ ने तोड़फोड कर मुख्य आरोपी के घर में आग लगा दी थी। साथ ही प्रशासन ने भी आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाया था। इसके चलते बैरागीवाला में तीन दिन तक तनाव की स्थिति बनी रही। कई परिवार गांव छोड़कर अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए थे।
बैरागीवाला में भाजपा नेता विनोद कश्यप की हत्या के बाद मुख्य आरोपी अमान अपने साथी साबेज और आजम के साथ पुलिस से बचने के लिए जगह-जगह अपने ठिकाने बदलता रहा। घटना के बाद सीधे वह दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने बस अड्डे पर रात बिताई। इसके बाद वह जालंघर, हरियाणा में भी जगह-जगह अपना ठिकाना बदलते रहे। आखिर कर हत्याकांड के बीस दिन बाद गुरुवार को पुलिस ने तीनों को हरियाणा के यमुनानगर हाईवे स्थित एक होटल से गिरफ्तार कर लिया।
बैरागीवाला हत्याकांड की घटना को बीस दिन से ज्यादा हो गए थे। हालांकि पुलिस ने घटना में नामजद छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी अमान की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से विभिन्न संगठनों के साथ ही परिजनों में भी आक्रोश पनप रहा था। इसको लेकर परिजन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर चुके थे, लेकिन पुलिस के पास सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों की ओर से फोन का इस्तेमाल न करना रहा। घटना के बाद से पुलिस फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन सभी अपनी लोकेशन बदल रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने मैन्युअली काम किया। पुलिस को पता चला कि आरोपी कभी मस्जिद तो कभी बस बस अड्डों पर रह रहे हैं। अंत में पता चला कि आरोपी हरियाणा के गंगानगर हाईवे स्थित एक होटल में ठहरे हुए हैं। जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि अन्य फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
यह था पूरा मामला
13 जून की शाम के समय सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला में खेत में पानी चलाने को लेकर दो पक्षों के मध्य हुए विवाद हो गया था। जिसके बाद एक पक्ष के रज्जाक, अमान, यूनूस,जावेद,इम्तियाज शहबाज , शराफत अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, इन्तेजार और अन्य व्यक्तियों द्वारा दूसरे पक्ष के तीन भाइयों अशोक कुमार, विनोद कुमार तथा राजेश कुमार से मारपीट की गई, जिसमें गंभीर चोट लगने से इ्रलाज के दौरान विनोद कश्यप की मौत हो गई। भाजपा नेता की हत्या के बाद हुए बवाल को लेकर बैरागीवाला गांव पूरी तरह अशांत हो गया था। तनाव को देखते हुए बैरागीवाला को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। आईटीबीपी के साथ पुलिस फोर्स गांव में तैनात की गई थी, लेकिन इस बीच शांति कायम रही। घटना के बाद गांव को छोड़कर करीब बीस परिवार रिश्तेदारों के यहां चले गए थे। शांति बहाल होने के बाद ये सभी रिश्तेदारों के यहां से गांव लौट आए।








