पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थल चिह्नित करने के निर्देश
कूड़ा निस्तारण, पर्यटन, यातायात और नशामुक्ति अभियान पर भी हुई चर्चा
देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनपद स्तर पर संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की उपलब्धियों और प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल 25 योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा के साथ राजस्व प्राप्ति तथा प्रवर्तन कार्यों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने ईको टूरिज्म, पर्यटन नीति और होमस्टे योजना से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कूड़ा निस्तारण की स्थिति, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STPs), प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन एवं रीसाइक्लिंग प्लांट तथा कचरे को उसके स्रोत पर ही अलग-अलग करने की व्यवस्था पर भी संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली।
कूड़ा निस्तारण से जुड़ी चुनौतियों और नदियों में कचरा फेंके जाने की घटनाओं को देखते हुए बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने नालों और पुलियाओं में बहकर आने वाले कचरे को रोकने के लिए ट्रैश स्क्रीन के उपयोग की संभावना पर विचार करने को कहा। इस व्यवस्था को पायलट परियोजना के रूप में रिस्पना नदी पर शुरू करने के संबंध में भी चर्चा की गई। इसके साथ ही नागरिकों से नदियों में कचरा न फेंकने की अपील और व्यवहार में बदलाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में पार्किंग और यातायात संबंधी योजनाओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को ऐसे उपयुक्त स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए, जिन्हें पार्किंग स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस कार्य में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के मास्टर प्लान का भी संदर्भ लिया जाए।
इसके अतिरिक्त निराश्रित पशुओं के लिए कैटल पाउंड की व्यवस्था, SARRA एवं ‘कैच द रेन’ योजना तथा नशामुक्ति अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने और उनकी प्रगति की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, नगर आयुक्त ऋषिकेश विजय नाथ शुक्ला तथा अन्य विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।








