देहरादून– उत्तराखंड विधानसभा में चल रहे रजत जयंती विशेष सत्र के दौरान बदरीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और जनता की उम्मीदों के अनुरूप अभी तक राज्य अपने मूल उद्देश्यों को पूरा नहीं कर पाया है। बुटोला ने कहा कि यदि राज्य की पहली विधानसभा गैरसैंण में स्थापित हुई होती तो आज उत्तराखंड सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक दृष्टि से मजबूत स्थिति में होता। उन्होंने विधानसभा में चार प्रस्ताव रखे, जिनमें सबसे प्रमुख प्रस्ताव यह था कि राज्य की पूर्ण राजधानी गैरसैंण घोषित की जाए और आने वाले सभी सत्र वहीं से संचालित हो।
राज्य के 25 साल का लेखा–जोखा और अगले 25 वर्षों की कार्ययोजना पर चर्चा हो रही है। सदन में चर्चा के दौरान खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने कहा कि जब 25 साल में राज्य को स्थाई राजधानी नहीं मिल पाई, तो अगले 25 वर्ष का रोडमैप कैसे बनेगा? उन्होंने कहा कि यह राज्य उन आंदोलनकारियों की शहादत से बना था जिनकी मूल भावना थी कि पहाड़ का राज्य, पहाड़ की राजधानी यानी गैरसैंण होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मैंने सदन में खुलकर पूछा — क्या सदन में मौजूद कोई भी सदस्य हाथ उठाकर गैरसैंण को राजधानी बनाने का समर्थन करता है? लेकिन किसी ने हाथ नहीं उठाया। ऐसे में सवाल यह है कि जब जनता के मूल भावनात्मक मुद्दों की कद्र ही नहीं हो रही तो हम आने वाले 25 सालों की बात किस आधार पर कर रहे हैं।
भाजपा से विधायक विनोद चमोली ने सदन के अंदर एक बार फिर उत्तराखंड मूल निवास को लेकर सदन में प्रश्न उठाया उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज यह स्थिति है कि 15 साल पहले यहां आने वाला व्यक्ति निवासी बन गया है लेकिन मूल निवासियों को ढूंढना पड़ रहा है के साथ उन्होंने स्थाई राजधानी सहित उत्तराखंड में बढ़ रहे कार्य को लेकर भी सवाल उठाए जो कि सदन के अंदर चर्चा के विषय बन गया । विनोद चमोली ने कहा कि कुछ लोग उत्तराखंड को पॉलिटिकल टूरिज्म की राजनीति कर रहे हैं और पैसा भी कमा रहे है । ओर हमारे लोगो को गुमराह करते हुए यहां पर बड़ा राजनेता बनने की कोशिश कर रहे हैं।
- उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है प्रदेश
कपकोट विधायक सुरेश गड़िया ने इसे ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य की पच्चीस वर्ष की यात्रा संघर्ष, उपलब्धियों और विकास की गवाही देती है। इस दौरान प्रदेश ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं और जो कमियां रह गई हैं, उन्हें पूरा करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। गड़िया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में उत्तराखंड अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के माध्यम से विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की जनता की समस्याओं, युवाओं के भविष्य और मातृशक्ति के योगदान को मजबूती देने के मुद्दे उठा रहे हैं। सुरेश गड़िया ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड पूरे देश का श्रेष्ठ राज्य बनकर उभरेगा।
इसी बीच भाजपा विधायक बिसन सिंह चुफाल ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहा है। चुफाल ने कहा कि विपक्ष की भूमिका अब मित्र विपक्ष जैसी रह गई है, जो केवल बयानबाजी तक सीमित है। उन्होंने कहा कि जो लोग विधायी कार्यों में पंद्रह प्रतिशत अनियमितताओं की बात कर रहे हैं, उन्हें अपने दावों के प्रमाण देने चाहिए। चुफाल ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार पारदर्शी तरीके से काम कर रही है और विपक्ष केवल जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
उत्तराखंड की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 25 वर्ष पूरे होने का यह सत्र ऐतिहासिक होना चाहिए था, जिसमें विकास, चुनौतियों और उपलब्धियों पर विस्तृत चर्चा की जानी चाहिए थी। प्रीतम सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में महिलाओं, किसानों, कृषि और सैनिकों के योगदान पर महत्वपूर्ण बातें कही हैं, जो राज्य के भविष्य के लिए दिशा तय करती हैं। लेकिन सत्र की अवधि बेहद कम रखी गई है, जिससे विधायकों को अपनी बात विस्तार से रखने का अवसर नहीं मिल पा रहा। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि सत्र की अवधि बढ़ाई जाए ताकि जनता से जुड़े मुद्दों और राज्य के 25 वर्षों की यात्रा पर सार्थक चर्चा हो सके।
उत्तराखंड की राजनीति में जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने विपक्ष को कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम केवल कमियां निकालना रह गया है, जबकि भाजपा सरकार जनता के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। पंतनगर का उदाहरण देते हुए जोशी ने कहा कि पहले यह क्षेत्र 311वें स्थान पर था, जो अब 267वें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं और हर स्तर पर मौजूद रहते हैं। गणेश जोशी ने कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा जनता के हित को प्राथमिकता दी है और उन्हें पूरा विश्वास है कि अपने कार्यों के आधार पर जनता एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताएगी।
उत्तराखंड विधानसभा देहरादून में राज्य के 25 वर्ष पूरे होने पर विशेष सत्र जारी है। जिसका आज दूसरा और अंतिम दिन है। सदन शुरू होने से पहले संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने 25 वर्षों में उत्तराखंड के अलग राज्य के तौर पर हुए विकास की बात रखी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य से अलग होने के बाद उत्तराखंड में अभूतपूर्व विकास हुआ है चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो, स्वास्थ्य का क्षेत्र हो, सड़क कनेक्टिविटी का क्षेत्र हो, चाहे उद्योगों की बात हो अगर हम 25 वर्ष पहले की बात करें तो इनका प्रतिशत काफी कम था जो इन 25 वर्षों में काफी बढ़ा है।








