देहरादून। डालनवाला क्षेत्र में हुई चर्चित हत्या की घटना का STF उत्तराखंड और दून पुलिस की संयुक्त टीम ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में साजिश में शामिल दो अभियुक्तों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने मृतक विक्रम शर्मा की हत्या की योजना कई माह पहले बना ली थी। पहले जमशेदपुर और नोएडा में उसे ठिकाने लगाने की तैयारी की गई, लेकिन विक्रम के साथ हर समय लोगों के रहने के कारण योजना को अंजाम नहीं दिया जा सका। इसके बाद अभियुक्तों ने देहरादून में हत्या की साजिश रची। घटना से लगभग तीन माह पूर्व साजिश में शामिल एक अभियुक्त ने उसी जिम को जॉइन किया, जहां विक्रम शर्मा नियमित रूप से जाता था। घटना के दिन भी इसी अभियुक्त ने फोन के जरिए अपने साथियों को विक्रम के जिम में होने की जानकारी दी। 13 फरवरी 2026 को कंट्रोल रूम के माध्यम से कोतवाली डालनवाला को सूचना मिली कि सिल्वर सिटी मॉल के पास अज्ञात बदमाशों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। मृतक की पहचान विक्रम शर्मा पुत्र अमृतपाल शर्मा, निवासी अमन विहार रायपुर के रूप में हुई। घटना की गंभीरता को देखते हुए गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक, एसएसपी देहरादून और एसएसपी STF मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल की फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी कर साक्ष्य जुटाए गए।
जांच में सामने आया कि विक्रम शर्मा झारखंड का कुख्यात अपराधी था। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी जैसे कई संगीन मामले दर्ज थे और वह जमानत पर बाहर था। करीब 8 वर्ष पूर्व जमशेदपुर पुलिस उसे एक हत्या के मामले में देहरादून से गिरफ्तार कर चुकी थी। हत्या के बाद पुलिस ने कई टीमों का गठन कर CCTV फुटेज और सर्विलांस के जरिए जांच तेज की। फुटेज में तीन मोटरसाइकिल सवार बदमाशों द्वारा वारदात को अंजाम देना और फिर सहस्त्रधारा क्षेत्र में वाहन बदलकर हरिद्वार की ओर भागना सामने आया।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की। जांच में पता चला कि फरारी के लिए हरिद्वार से रेंट पर स्कूटी और बाइक ली गई थी। भुगतान UPI के माध्यम से किया गया था। बाद में आरोपी झारखंड नंबर की स्कॉर्पियो से फरार हुए। जांच के दौरान एक टीम को जमशेदपुर भेजा गया, जहां से राजकुमार को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद ग्रेटर नोएडा के एल्फा-2 अपार्टमेंट से घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन बरामद कर मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद उसकी संलिप्तता पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में मोहित ने बताया कि वह नोएडा स्थित एक निजी विश्वविद्यालय में BBA प्रथम वर्ष का छात्र है। उसने स्वीकार किया कि आशुतोष, विशाल, अंकित और अन्य साथियों के साथ मिलकर विक्रम शर्मा की हत्या की साजिश रची गई थी। हत्या के बाद अभियुक्तों के ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था भी उसी ने की थी।
गिरफ्तार अभियुक्त
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अक्षत ठाकुर उर्फ संजीव कुमार, निवासी जुगसलाई, जमशेदपुर
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राजकुमार, निवासी गाराबासा बाग बेड़ा, जमशेदपुर
वांछित अभियुक्त
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अंकित वर्मा
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आशुतोष सिंह
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विशाल सिंह
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आकाश कुमार प्रसाद
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यशराज
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जितेन्द्र कुमार साहु








