- मनसा देवी मंदिर क्षेत्र में वनाग्नि से निपटने को लेकर प्रशासन का संयुक्त अभ्यास, तीन प्रतिभागी झुलसे
मनसा देवी मंदिर क्षेत्र में संभावित वनाग्नि की घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा एक संयुक्त मॉक ड्रिल (अभ्यास) का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के दौरान अचानक आग की चपेट में आने से तीन प्रतिभागी घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
घटना की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि एक गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति की हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरे समय अलर्ट मोड में रहा।
अभ्यास के दौरान लगी आग पर काबू पाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मोर्चा संभाला। समन्वित प्रयासों के चलते करीब एक घंटा 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। वनाग्नि की इस घटना में एक चीतल का शावक भी झुलस गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए राजाजी टाइगर रिजर्व के रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शावक की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह अभ्यास वनाग्नि से निपटने की तैयारियों को परखने और आपसी समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया था। अधिकारियों का दावा है कि इस तरह के अभ्यास भविष्य में होने वाली आपदाओं से निपटने में मददगार साबित होंगे और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। फिलहाल, घटना के बाद सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा किए जाने की बात कही जा रही है, ताकि आगे इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।








