बच्चों ने अपने मामा के दीर्घायु जीवन की कामना करी
सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य, उनके सर्वांगीण विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कर रही निरंतर प्रयास- रेखा आर्या
बच्चों ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाई प्रतिभा, मंत्री ने बढ़ाया उत्साह

इसके लिए मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के माध्यम से कोविड-19 महामारी या अन्य बीमारियों के कारण माता-पिता या संरक्षक को खोने वाले बच्चों की देखभाल, पुनर्वास और आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया। जिसके तहत सरकार पात्र बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 3,000 रुपये की सहायता दे रही है। वही खेलों मे अपना भविष्य बनाने वाले बच्चों के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना संचालित की जा रही है। जिसमें 1500 रुपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके साथ ही सरकार की नंदा गौरा योजना के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जिसमें बेटी के जन्म पर 11 हजार और 12वीं कक्षा पास करने पर 51 हजार की सहायता का राशि दी जाती है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे। बच्चों को बेहतर शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर भविष्य की ओर ले जाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बच्चों की ओर से जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गईं और उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल जीवन की कामना की गई। कार्यक्रम में सचिव चंद्रेश यादव, निदेशक बंशीलाल राणा, सीपीओ अंजना गुप्ता, डीपीओ मीना बिष्ट सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं राजकीय शिशु सदन के प्यारे बच्चे उपस्थित रहे।








