उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा 21 सितम्बर को आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में एसआईटी (SIT) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस प्रकरण के मुख्य आरोपी मोहम्मद खालिद (उम्र 35 वर्ष, निवासी सुल्तानपुर, लक्सर, हरिद्वार) को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले खालिद की बहन साबिया भी गिरफ्तार की जा चुकी है।
आपको बताते चले की विगत 21 सितम्बर को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं। तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद UKSSSC ने तत्काल इस पर शिकायत दर्ज कराई और SIT जांच शुरू हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना रायपुर में मुकदमा दर्ज कर पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश को विवेचना सौंपी गई। जांच के दौरान पता चला कि 21 सितम्बर को परीक्षा समाप्त होते ही सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्रों के स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल होने लगे। आयोग ने इसे गंभीर मानते हुए पुलिस को शिकायत दी। SIT ने जांच शुरू की और शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर थाना रायपुर में मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच में पता चला कि प्रश्नपत्र की तस्वीरें किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं बल्कि परीक्षा हॉल के अंदर बैठे परीक्षार्थी ने ही खींची थीं। धीरे-धीरे जांच की परतें खुलीं और नाम खालिद के तौर पर सामने आया था, पुलिस के अनुसार, खालिद पहले भी कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो चुका था, लेकिन मामूली अंकों से चयन से चूकता रहा। इस बार उसने नकल के जरिए सफलता पाने की ठानी। खालिद ने परीक्षा के लिए चार अलग-अलग आवेदन किए — दो टिहरी और दो हरिद्वार से। संयोगवश उसे बहादुरपुर जट (हरिद्वार) स्थित आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र मिला, जो उसके घर से पास था। परीक्षा से एक दिन पहले यानी 20 सितम्बर को खालिद ने केंद्र की रैकी की और वहां की अधूरी बनी बिल्डिंग में आईफोन 12 मिनी छिपाकर आ गया। खालिद की योजना थी कि परीक्षा शुरू होते ही प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींचकर बाहर भेजी जाएंगी और फिर उत्तर मिलते ही OMR शीट में भर दिए जाएंगे।
इस षड्यंत्र में खालिद अकेला नहीं था। उसकी बहन साबिया और टिहरी में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन की भूमिका भी सामने आई। इन तस्वीरों को उसकी बहन साबिया ने सुमन को भेजा। सुमन ने उत्तर तैयार कर वापस भेज दिए। लेकिन कक्ष में कड़ी निगरानी के चलते खालिद मोबाइल से उत्तर नहीं देख पाया और ओएमआर शीट में मन से भरकर बाहर आ गया।
परीक्षा खत्म होने के बाद जब सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल होने की खबर फैली तो खालिद घबराकर फरार हो गया। वह दिल्ली भागा और फिर अवध-आसाम एक्सप्रेस से लखनऊ गया। इस दौरान उसने दोनों मोबाइल फोन रिसेट कर दिए और सिम कार्ड तोड़ दिए। आईफोन को ट्रेन के डस्टबिन में फेंक दिया। बाद में हरिद्वार लौटा और देहरादून में सरेंडर की फिराक में था, जहां संयुक्त टीम ने उसे धर दबोचा।
23 सितम्बर को STF और देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम ने दबिश देकर खालिद को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से वह मोबाइल बरामद हुआ जिससे तस्वीरें भेजी गई थीं। अब इस मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश के नेतृत्व में विवेचना जारी है। SIT अब भी इस बात की तहकीकात कर रही है कि कहीं और से प्रश्नपत्र लीक हुआ था या नहीं। फिलहाल सभी साक्ष्य इस ओर इशारा करते हैं कि यह षड्यंत्र सिर्फ खालिद और उसके करीबी लोगों तक सीमित था।
पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में किसी संगठित गिरोह के शामिल होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। साथ ही, यह भी सामने आया कि खालिद ने प्रश्नों के उत्तर OMR शीट में नहीं भर पाए। फिर भी SIT अन्य साक्ष्यों को जुटा रही है और किसी के पास संबंधित जानकारी हो तो वह जांच अधिकारी को उपलब्ध करा सकता है।








