- मुख्यमंत्री के ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखंड’ मिशन के तहत STF की सटीक कार्रवाई, DGP ने टीम को ₹1 लाख के इनाम की घोषणा की
- मुख्य सरगना कुनाल कोहली गिरफ्तार, भारी मात्रा में कैमिकल और ड्रग्स बरामद
- एक फैक्ट्री नहीं, चल रहा था पूरा नेटवर्क
- अभियुक्त ने पुलिस के सामने कबूल किया की उसने किस तरह से बनाई ड्रग फैक्ट्री
देहरादून, 15 जुलाई 2025:
उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” मिशन के अंतर्गत अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की एमडीएमए (MDMA) ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में न केवल भारी मात्रा में प्रतिबंधित प्रीकर्सर कैमिकल्स (रॉ मैटेरियल) बरामद किए गए, बल्कि एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भी खुलासा हुआ, जो नेपाल से लेकर मुंबई तक फैला हुआ था।
STF की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने थाना नानकमत्ता क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के सहयोग से साहनी नर्सरी तिराहे से एमडीएमए ड्रग्स बनाने वाले गिरोह के सरगना कुनाल राम कोहली को धर दबोचा। उसके पास से ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त 126 लीटर कैमिकल, 28 किलो पाउडर और 7.41 ग्राम तैयार एमडीएमए बरामद की गई।
इस संबंध में थाना नानकमत्ता में NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। STF प्रमुख नवनीत भुल्लर ने बताया कि यह गिरोह मुंबई, बनारस, गाजियाबाद, नेपाल और उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था और पिथौरागढ़ के थल क्षेत्र में मुर्गी फार्म की आड़ में यह अवैध धंधा चलाया जा रहा था।
जांच में खुलासा हुआ कि महाराष्ट्र के ठाणे में 31 मई को पकड़े गए दो व्यक्तियों से मिली जानकारी के आधार पर उत्तराखंड में इस नेटवर्क का पता चला। पहले बनारस और फिर पिथौरागढ़ में कुनाल और उसके सहयोगियों ने ड्रग फैक्ट्री स्थापित की थी। मुंबई पुलिस और नेपाल पुलिस के सहयोग से इस नेटवर्क को ट्रेस किया गया। इसके बाद कार्रवाई की कड़ी में:
26 जून को थल में कैमिकल्स बरामद हुए, जुलाई में चम्पावत से 5.688 किलो एमडीएमए के साथ एक महिला ईशा को गिरफ्तार किया गया, इसी दौरान कुनाल नेपाल भाग गया, लेकिन 14 जुलाई को STF ने उसे फिर से पकड़ लिया।
कैमिकल्स और मैन्युफैक्चरिंग विवरण
बरामद कैमिकल्स की मात्रा और प्रकार चौंकाने वाले हैं जिसमे
- Dichloromethane (57.5 लीटर)
- Acetone (20 लीटर)
- Hydrochloric Acid (47.5 लीटर)
- Methylamine Solution (0.5 लीटर)
- Sodium Hydroxide (28 किलो) कि बरामदगी कि गयी है
पुलिस का दावा है कि इन कैमिकल्स को मिलाकर लगभग 6 किलो एमडीएमए तैयार किया जाना था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹12 करोड़ आंकी गई है। पूछताछ में कुनाल कोहली ने कबूल किया कि वह मुम्बई में मोनू गुप्ता, भीम यादव, बल्ली राम गुप्ता और नवीन नेपाली जैसे तस्करों से जुड़ा था। मुम्बई में केस दर्ज होने के बाद वह फरार होकर टनकपुर आया और वहीं से इस रैकेट की योजना बनाई गई। शुरुआती दौर में बनारस से कैमिकल मंगाकर काम शुरू हुआ और बाद में थल में फार्म किराए पर लेकर उत्पादन किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में से कुछ नेपाल भाग गए थे, जिन्हें भारत वापस लाकर गिरफ्तार किया गया।
डीजीपी ने की कार्रवाई की सराहना, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ ने प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा:
“हम ड्रग्स नेटवर्क को केवल पकड़ने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके वित्तीय स्रोत, आवासीय कड़ियाँ और प्रॉपर्टी की भी जांच कर रहे हैं। NDPS के तहत फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन और PIT-NDPS के तहत जब्ती की कार्यवाही भी हो रही है।”
एसएसपी STF नवनीत भुल्लर ने बताया कि 44 यूनिट्स की जांच चल रही है, जो प्रीकर्सर कैमिकल्स से जुड़ी हैं। 172 फार्मा इकाइयों का निरीक्षण किया जा रहा है। प्रदेश के हर थाने को ड्रग डिटेक्शन किट उपलब्ध करा दी गई है।
- डीजीपी ने दी ₹1 लाख की इनामी राशि
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में सम्मिलित STF और पुलिस की टीम को ₹1 लाख की इनामी राशि देने की घोषणा की गई है उत्तराखंड पुलिस की यह कार्रवाई राज्य को ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ बनाने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है। STF और पुलिस की सटीक योजना, गहन जानकारी और त्वरित कार्रवाई ने न केवल ड्रग माफियाओं को करारा झटका दिया है, बल्कि पूरे उत्तर भारत में सक्रिय इस नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। प्रशासन का कहना है कि आगे भी इसी प्रकार की सघन कार्यवाही जारी रहेगा।










