राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत देहरादून में जागरूकता रैली
परिवहन विभाग, उत्तराखंड द्वारा राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत देहरादून के दून लायब्रेरी लेंस डाउन चौक देहरादून में एक व्यापक सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम एवं रैली का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को वाहन रखरखाव, सुरक्षित यातायात व्यवहार एवं स्वच्छ वातावरण के प्रति जागरूक करना रहा।
देहरादून भी वायु प्रदूषण से प्रभावित शहरों में शामिल
कार्यक्रम में बताया गया कि देश के 131 शहरों को वायु गुणवत्ता के आधार पर Non-Attainment Cities घोषित किया गया है, जिनमें उत्तराखंड के देहरादून, ऋषिकेश एवं काशीपुर भी शामिल हैं। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2019 से कार्ययोजना लागू की गई है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2026 तक वायु प्रदूषण में 40 प्रतिशत तक कमी लाना है।
वाहन प्रदूषण के पीछे लापरवाही बड़ा कारण
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि खराब वाहन रखरखाव केवल प्रदूषण ही नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को भी बढ़ाता है। खराब रखरखाव से होने वाले दुष्परिणाम:
•सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि
•ईंधन की अधिक खपत
•वायु प्रदूषण में अत्यधिक इजाफा
कार्यक्रम में बताया गया कि वायु प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारण हैं —
•ईंधन का अधूरा दहन
•इंजन की खराब ट्यूनिंग
•जाम या गंदे एयर फिल्टर
•खराब एग्जॉस्ट सिस्टम
•मिलावटी या घटिया ईंधन का प्रयोग
•ओवरलोडिंग एवं तेज व आक्रामक ड्राइविंग
वाहन रखरखाव से प्रदूषण नियंत्रण संभव
विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित वाहन जांच और रखरखाव से प्रदूषण में बड़ी कमी लाई जा सकती है —
✅ स्वच्छ इंजन = कम प्रदूषण
✅ सही दहन प्रक्रिया = बेहतर माइलेज
✅ मजबूत एग्जॉस्ट सिस्टम = नियंत्रित धुआं
✅ नियमित जांच = खराबी का समय रहते समाधान
सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, जीवन रक्षा का अभियान
“सड़कें हमारी साझा धरोहर हैं” — नगर आयुक्त नमामि बंसल
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर आयुक्त नमामि बंसल ने कहा “जिस प्रकार हम अपने घरों को स्वच्छ रखते हैं, उसी प्रकार सड़कों को भी सुरक्षित एवं स्वच्छ रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जागरूक नागरिक ही सुरक्षित सड़क और स्वच्छ पर्यावरण की नींव रखते हैं।” उन्होंने सामूहिक प्रयासों से ट्रैफिक सुधार के उदाहरण साझा करते हुए आमजन से नियम पालन का आह्वान किया।
उप परिवहन आयुक्त सुनील शर्मा ने अपने संबोधन में कहा “वायु प्रदूषण का सबसे अधिक दुष्प्रभाव छोटे बच्चों पर पड़ता है। इसे कम करना केवल विभागीय कार्य नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।”
“दुर्घटनाओं में 50% कमी हमारा लक्ष्य” — सुश्री डॉ. अनीता चमोला
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) सुश्री डॉ. अनीता चमोला ने कहा “वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नियमित वाहन जांच, सुरक्षित ड्राइविंग और जन-जागरूकता इसके सबसे प्रभावी माध्यम हैं।”
250 से अधिक नागरिकों ने लिया सुरक्षा संकल्प
कार्यक्रम के अंत में वाहन डीलरों, परिवहन यूनियनों, चालकों एवं संस्थानों के लगभग 250 प्रतिभागियों द्वारा जागरूकता रैली में सहभागिता की गई तथा सड़क सुरक्षा किट एवं जागरूकता सामग्री वितरित की गई।








