नन्ही परी’ के मुख्य दोषी को सुप्रीम कोर्ट में बरी होने पर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने प्रक्रिया देते हुए कहा कि “उत्तराखंड सरकार की संवेदनहीनता और कमजोर पैरवी ने एक निर्दोष मासूम बालिका की न्याय की उम्मीद को बुरी तरह चोट पहुँचाई है। हल्द्वानी-पिथौरागढ़ क्षेत्र में हुई उस जघन्य घटना ने पूरे समाज को हिला कर रख दिया था, जब एक नन्ही परी के साथ दरिंदगी की गई और फिर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई।
इस अमानवीय कृत्य के दोषियों को सजा दिलाने की पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार पर थी, लेकिन अफसोस की बात यह है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस केस की पैरवी इतनी कमजोर तरीके से की कि मुख्य अभियुक्त को बरी कर दिया गया। यह केवल न्यायिक विफलता नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और समाज के नैतिक मूल्यों के खिलाफ एक गंभीर हमला है। ऐसे में हमारी मांग है कि इस केस को पुनः खोला जाए, दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अगर आज हम चुप रहेंगे तो कल हमारे बच्चों की सुरक्षा पर ही प्रश्नचिन्ह उठेगा। नन्ही परी को न्याय दो, अब और इंतजार नहीं चलेगा।”








