संत समाज का मार्गदर्शन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा- मुख्यमंत्री
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सप्तसरोवर रोड, भूपतवाला स्थित श्री ब्रह्म निवास आश्रम में पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज के 51वें निर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सतगुरु लाल दास महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आध्यात्मिक और सामाजिक योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सतगुरु लाल दास महाराज ने अपने जीवन में आध्यात्मिकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समाज को सेवा, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने भक्ति को जन-जन तक पहुंचाने के साथ समाज को जोड़ने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी वाणी में अद्भुत शक्ति और दृष्टि में असीम करुणा थी। सतगुरु ने जीवनभर सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। उन्होंने कहा कि संतों का सानिध्य और सतगुरु की कृपा मिलना सौभाग्य की बात है। भारतीय संत समाज ने हमेशा धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संतों के मार्गदर्शन से समाज को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
धार्मिक स्थलों के विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में सनातन धार्मिक संस्कृति के पुनर्जागरण का स्वर्णिम काल चल रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी कॉरिडोर और उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर जैसे कार्यों के साथ उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में 2013 की आपदा से क्षतिग्रस्त केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया गया है। इसके साथ ही मंदिर माला मिशन के तहत प्रदेश के विभिन्न मंदिरों के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। सीएम धामी ने बताया कि केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से दुर्गम तीर्थस्थलों तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी और बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को भी काफी सुविधा मिलेगी। वहीं हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, ऋषिकेश कॉरिडोर, आस्था पथ और शारदा एवं यमुना तटों के विकास से जुड़े कार्य भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
देवभूमि की पहचान और पवित्रता सुरक्षित रखना जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की देवभूमि का मूल स्वरूप, पवित्रता और सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। सरकार का प्रयास है कि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और आध्यात्मिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण और देवभूमि की संस्कृति एवं सामाजिक वातावरण को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने देहरादून में स्थापित हिंदू अध्ययन केंद्र का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में धर्म और संस्कृति के साथ ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन, शोध और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की धरती से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने का आह्वान किया था। इसी लक्ष्य के अनुरूप राज्य में धर्म, विकास, नवाचार और ज्ञान के क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने के साथ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।
57 वर्षों से जारी है अखंड भोजन सेवा
कार्यक्रम में सतगुरु चेतनानंद भूरी वाले ने बताया कि संस्था पिछले 57 वर्षों से लगातार अखंड भोजन सेवा चला रही है और गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में लागू किए गए कई नियम और कानून देश के लिए उदाहरण बन रहे हैं तथा राज्य विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय रोहिल्ला ने भी विचार रखे।








