फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया व्यापार मंडल एवं दून वेली महानगर उद्योग व्यापार मंडल की लंबे समय से उठाई जा रही मांगों तथा व्यापारी कल्याण बोर्ड, भारत सरकार के माननीय सदस्यों के विशेष प्रयासों के फलस्वरूप सरकार ने FSSAI से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। National Traders’ Welfare Board के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप ये बदलाव सामने आए हैं, जिससे देशभर के व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। बताया गया कि देशभर के व्यापारियों ने विभिन्न वीसी मीटिंग्स और बोर्ड बैठकों के माध्यम से FSSAI लाइसेंस से जुड़ी जटिलताओं और अनुपालन संबंधी समस्याओं को National Traders’ Welfare Board के समक्ष उठाया था। बोर्ड द्वारा इन समस्याओं और सुझावों को संबंधित मंत्रालयों तक व्यवस्थित रूप से पहुंचाया गया, जिसके बाद भारत सरकार ने खाद्य व्यवसाय से जुड़े नियमों को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
सरकार के नए निर्णय के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से मूल पंजीकरण के लिए वार्षिक कारोबार की सीमा ₹12 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी गई है। इससे सूक्ष्म और लघु खाद्य व्यवसायों को अनुपालन संबंधी बड़ी राहत मिलेगी और छोटे व्यापारियों को लाइसेंस संबंधी जटिलताओं से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा नगर निकायों में पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स को अब FSSAI के अंतर्गत स्वतः पंजीकृत माना जाएगा, जिससे उन्हें अलग-अलग विभागों में अलग से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस फैसले से देशभर के 10 लाख से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही FSSAI लाइसेंस को स्थायी वैधता देने का निर्णय भी लिया गया है, जिससे बार-बार लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया समाप्त होगी। इससे नियामकीय व्यवस्था का ध्यान खाद्य सुरक्षा की निगरानी और जोखिम आधारित निरीक्षण पर अधिक केंद्रित किया जा सकेगा
इन महत्वपूर्ण सुधारों के लिए भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए व्यापारी समुदाय ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है। दून वेली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोंन ने कहा कि सरकार का यह निर्णय खाद्य श्रृंखला से जुड़े व्यापारियों के लिए बेहद सकारात्मक पहल है। इससे मध्यम वर्गीय व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी समुदाय की ओर से सरकार तथा National Traders’ Welfare Board के चेयरमैन सुनील सिंह का आभार व्यक्त किया जाता है, जिन्होंने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल व्यापारियों के हितों की रक्षा करेगी, बल्कि देश के खाद्य क्षेत्र को अधिक संगठित, सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।








