दून बौद्ध समिति ने उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड के सहयोग से आज आईआरडीटी ऑडिटोरियम, देहरादून में वार्षिक वेसाक बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बौद्ध समुदायों, गणमान्य व्यक्तियों तथा आम जनता की सहभागिता रही। यह आयोजन पवित्र अनुष्ठानों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा शांति और सद्भाव के संदेशों का सुंदर समागम रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 3:15 बजे जनसभा एवं पवित्र बुद्ध स्नान अनुष्ठान के साथ हुआ, जिसे सामूहिक श्रद्धा अर्पण के रूप में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि श्री मालिंग गोम्बू के आगमन पर ताशी शोपा (शुभ स्वागत नृत्य) की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन दीप प्रज्वलन एवं भगवान बुद्ध को पुष्प अर्पित कर किया गया, जिसके बाद म्यांमार तथा गदेन जांग्त्से, देक्यिलिंग से आए भिक्षुओं एवं भिक्षुणियों द्वारा विश्व शांति के लिए प्रार्थनाएं की गईं।
कार्यक्रम में राज्य के नेतृत्व के संदेश भी प्रस्तुत किए गए। माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने कहा कि भगवान बुद्ध की सत्य और करुणा की शिक्षाएं आधुनिक समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुद्ध के जीवन को प्रेम और आत्मबोध का मार्ग बताया, जबकि अमेरिका से एच.ई. खेंचेन कोंचोक रंगदोल रिनपोछे ने वीडियो संदेश के माध्यम से वैश्विक शांति के लिए आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में डॉ. पेमा तेनजिन द्वारा धम्म प्रवचन दिए गए तथा भूटानी छात्रों, गोरखाली सुधार सभा, चेनरेसिग स्कूल क्लेमेंट टाउन और तिब्बतन होम्स फाउंडेशन स्कूल राजपुर के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जो साझा हिमालयी विरासत को दर्शाती हैं। “अप्पो दीपो भव” नामक आध्यात्मिक गीत का भी विमोचन किया गया, जो आंतरिक जागरण और वैश्विक एकता का संदेश देता है।
धम्म रत्न पुरस्कार 2026 श्री कमल सिंह नेगी को बौद्ध धरोहर के संरक्षण एवं समाज सेवा में उनके आजीवन योगदान के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम का समापन देहरादून में विश्व शांति हेतु नगर परिक्रमा के साथ हुआ, जिसमें अहिंसा और सद्भाव का संदेश दिया गया। अहिंसा और दान की भावना के अंतर्गत सभी प्रतिभागियों को शाकाहारी भोजन परोसा गया, जो सार्वभौमिक भाईचारे का प्रतीक है। बलजीत सोनी (उपाध्यक्ष, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग), डॉ. त्सेवांग फुंटसोक (तिब्बती सेटलमेंट अधिकारी, उत्तराखंड) और ब्रिगेडियर के. जी. बहल कार्यक्रम में अतिथि-विशेष के रूप में उपस्थित रहे। वहीं श्री येशी थुप्तेन (सदस्य, बौद्ध, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग) और डॉ. पेमा तेनजिन विशिष्ट अतिथि रहे।
मुख्य अतिथि ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं और समकालीन विश्व में बुद्ध के मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि, अतिथि-विशेष एवं विशिष्ट अतिथियों को उपाध्यक्ष त्सेरिंग लुडिंग तथा अन्य सम्मानित सदस्यों द्वारा सम्मानित किया गया।








