यूपी के बागपत के गांगनौली गांव के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर बारिश से एक्सप्रेस-वे किनारे लगाई गई मिट्टी के पुस्तों में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए। इससे हादसों का खतरा पैदा हो गया है। रविवार को स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। हालांकि हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। पांच दिन पहले भी मुजफ्फरनगर के पास दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे के बीचोंबीच बड़े-बड़े गड्ढे होने का मामला सामने आया था। लगातार सामने आ रहे इन मामलों से 12 हजार करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए इस एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
एक्सप्रेस वे किनारे लगी रेलिंग भी धंसी
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे बागपत से होकर गुजर रहा है। क्षेत्र के गांगनौली गांव के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे पर बनाई गए मिट्टी के पुस्तों पर गड्ढे बन गए हैं। एक्सप्रेस-वे के किनारे पर लगी रेलिंग भी धंस गई है। इससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों हुई बारिश से गड्ढे बने हैं। स्थानीय लोगों ने इसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन गड्ढों को समय रहते बंद नहीं कराया गया तो मुजफ्फरनगर की तरह यहां भी सड़क धंस सकती है। मानसून की पहली बारिश के बाद गड्ढे होने से एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का 12 जून को प्रधानमंत्री ने सहारनपुर पहुंचकर उद्घाटन किया था। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस पूरे एक्सप्रेस-वे का कार से निरीक्षण भी किया था।
मुजफ्फरनगर में मिले थे गहरे गड्ढे, वीडियो हुआ था वायरल
पिछले दिनों मुजफ्फरनगर जनपद की सीमा में दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे। इसका पता लगते ही तमाम लोगों ने इसका वीडियो वायरल किया था। तब भी एक्सप्रेस वे निर्माण की गुणवत्ता को लेकर तमाम सवाल उठे थे। वहीं आननफानन में कार्रवाई करते हुए एनएचएआई ने एक्सप्रेस-वे का निर्माण करने वाली कंपनी समेत कई को नोटिस जारी किए गए थे। कई ठेकेदारों की फर्मों को ब्लैकलिस्ट कर दिया था।
14 अप्रैल को पीएम मोदी ने उद्घाटन किया था
आपको बता दें करीब ढाई महीने पहले 14 अप्रैल 2026 को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहारनपुर आकर इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था, जिसके बाद से ही इस पर गाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही हैं। लेकिन महज कुछ महीनों के भीतर ही इसकी क्वालिटी की पोल खुलने लगी है। जो वाकई में कई बड़े गंभीर सवाल खड़े कर रही है, कि जिस एक्सप्रेसवे को लेकर उद्घाटन से पहले कई बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे। असल में उसकी हकीकत कुछ और ही दिखाई दे रही है।








