पहली बरसात में ही हुए गहरे गड्ढों के कारण चर्चा में आया दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर पर लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। हाईवे के बीचोंबीच पड़े स्टील के बैरियर से टकराकर शामली के एक परिवार की कार अनियंत्रित होकर पलट गई। कार में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। रविवार को पीड़ित ने एनएचएआइ से शिकायत की है।
शामली के गौरव गोयल अपने पिता दिनेश और पत्नी पूजा के साथ दिल्ली से दो जुलाई की रात आ रहे थे। गौरव ने बताया कि बड़ौत-बिजरौल जुड़ाव (कट) के समीप पहुंचे तो अंधरे में सड़क के बीच में स्टील का बैरियर रखा हुआ था। वह रात में दिखाई नहीं दिया और गाड़ी उससे टकराकर पलट गई। वहां न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था और न ही संकेतक। पीड़ित ने डायल-112 को सूचना दी तो पुलिस ने उन्हें गाड़ी से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार को गौरव गोयल ने एनएचएआइ को पत्र भेजकर लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
कारिडोर पर गांव खेड़ा मस्तान के ऊपर फ्लाईओवर के पास दो गहरे गड्ढे भी गए थे। इसमें एक बस समेत चार वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे। गुरुवार को इंटरनेट मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद एनएचएआइ ने गड्ढे भरवा दिए थे और इस प्रकरण में लापरवाही पर टीम लीडर कुलदीप राजदान और ठेकेदार के परियोजना प्रबंधक नागेंद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया था। चैतन्या प्रोजेक्ट्स परामर्शदाता (कंसल्टेंसी) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।








