कांवड़ यात्रा के दौरान इस बार दिल्ली या प्रयागराज दूर नहीं होगा। दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे (इकोनामिक कारिडोर) और गंगा एक्सप्रेसवे वाहनों के लिए खुला रहेगा। इन हाईवे पर कांवड़ियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दोनों हाईवे तक पहुंचने के लिए संपर्क मार्गों का रूट तैयार किया जा रहा है। हापुड़-बिजनौर-मुरादाबाद जाने या आने वाले वाहनों के लिए दिल्ली देहरादून हाईवे पर सिवाया के समीप से शुरू होने वाले कनेक्टर को प्रयोग करने का भी विकल्प तलाशा जा रहा है।
कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली, देहरादून, प्रयागराज और लखनऊ की कनेक्टिविटी बाधित न हो इसके लिए मेरठ और सहारनपुर मंडल में ऐसे ही मार्गों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस बार कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगी। एडीजी यातायात ए. सतीश गणेश ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे व गंगा एक्सप्रेसवे पर सुचारु यातायात के लिए डीजीपी राजीव कृष्ण व गृह विभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने सहमति दे दी है। इस पर एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से डीजीपी व अपर मुख्य सचिव के समक्ष अपना प्रेजेंटेशन दिया है। इकोनामिक कारिडोर व गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों को चढ़ाने के लिए संपर्क मार्गो पर भी चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि 12 जुलाई से 18 जुलाई के बीच कांवड़ की तैयारियों को लेकर मेरठ में उच्चस्तरीय मीटिंग होनी है, जिसमें मुख्य सचिव व डीजीपी उपस्थित रहेंगे। एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान प्रयास हो रहा है कि वाहनों के लिए कुछ मार्गों को पूर्ण रूप से खुला रखा जाए। इकोनामिक कारिडोर व गंगा एक्सप्रेसवे पर सहमति हो चुकी है। अब कुछ और मार्गों पर ऐसा ही करने की योजना है।








