सुप्रसिद्ध गीतकार एवं पत्रकार श्री रामप्रताप मिश्र “साकेती” को याद करने के लिए स्मृति दिवस का आयोजन उत्तरांचल प्रेस क्लब देहरादून में किया गया, जिसमें लेखकों, पत्रकारों और प्रबुद्धजनों ने साकेती जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके परम मित्र विजय स्नेही ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए अपने दीर्घकालीन संबंधों की चर्चा की और साकेती जी के मधुर व्यवहार को उनके व्यक्तित्व का मुख्य अंग बताया। वरिष्ठ पत्रकार डॉ.वी.डी.शर्मा ने श्री रामप्रताप मिश्र के पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान की चर्चा की और कहा कि उन्होंने देहरादून में अनेक समाचारपत्रों को प्रारंभ कराया। उन्होंने जीवन में कभी भी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। वे मधुर गीतकार व श्रेष्ठ पत्रकार थे। वे पत्रकारिता के चलते फिरते विश्वविद्यालय थे। नवोदित प्रवाह के संपादक रजनीश त्रिवेदी ने साकेती जी को भाव सुमन अर्पित करते हुए कहा कि वे मूलतः स्वाभिमानी कवि साहित्यकार थे और साहित्यकार सदैव अपनी रचनाओं में जीवित रहता है और उसकी कीर्ति हमेशा रहती है।उन्होंने कहा कि साकेती जी की अप्रकाशित रचनाओं को पुस्तक के रूप में प्रकाशित करना चाहिए यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री श्रीमती विनोद उनियाल ने रामप्रताप मिश्र को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उन्होंने भाजपा की पत्रिका “देवकमल” का कुशलतापूर्वक सम्पादन किया। इस अवसर पर डॉ बृजेश विक्रम शुक्ल, डॉ.जे.सी.पंत, विनोद कुमार एडवोकेट, हिंदुस्तान समाचार के राजेश पाण्डेय, रामबोध शुक्ल, राजेश सेठी मुख्यमंत्री के पूर्व निजी सचिव, संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल, वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र भारद्वाज, धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने भी साकेती जी से जुड़े संस्मरणों के माध्यम से अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। स्मृति दिवस पर आयोजित इस सभा में वरिष्ठ पत्रकार भूपत सिंह बिष्ट, गिरधर गोपाल लूथरा, इंद्रदेव रतूड़ी, नरेश मनोचा, नरेश रुहेला, दीपक गुसाई, मंगेश कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। अंत में राम प्रताप मिश्र साकेती के सुपुत्र अखिलेश मिश्र और बहु अनीता मिश्रा, आशीष मिश्रा समेत उनके परिवारजनों ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।








