Wednesday, August 26, 2026
Home राजनीति महाराष्ट्र में खत्म नहीं हुआ एकनाथ शिंदे का 'ऑपरेशन टाइगर', अब उद्धव...

महाराष्ट्र में खत्म नहीं हुआ एकनाथ शिंदे का ‘ऑपरेशन टाइगर’, अब उद्धव की सेना का क्या होगा?

  • महाराष्ट्र में शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट को प्रतिद्वंद्वी एकनाथ शिंदे गुट से बार-बार मात खानी पड़ रही है। कुछ दिनों के भीतर ही उद्धव को दो बड़े आघात झेलने पड़े।

पहले उनके 6 लोकसभा सदस्य शिंदे के साथ चले गए और फिर विधान परिषद सदस्य सचिन अहिर ने भी शिंदे का दामन थाम लिया। पाला बदलते ही सचिन को उपसभापति पद की मानो लॉटरी लग गई। इस बीच, उद्धव के दो और विधायकों के शिंदे सेना में जाने की चर्चा है। कयास हैं कि उद्धव सेना के कम से कम 11 विधायक शिंदे के साथ जा सकते हैं। शिंदे का संदेश । सचिन का जाना बड़ा झटका है। वह उद्धव और आदित्य के विश्वासपात्र रहे हैं। दक्षिण मुंबई और कामगार क्षेत्र में उनकी तूती बोलती है। उद्धव के बेटे आदित्य को वर्ली विधानसभा सीट जितवाने में उनकी बड़ी भूमिका है। फिर भी प्रश्न तो उठता ही है कि सचिन आखिर शिंदे के साथ क्यों हो लिए? शिंदे ने भी अपनी धाकड़ विधान परिषद की निवर्तमान उपसभापति नीलम गोऱ्हे को दोबारा अवसर क्यों नहीं दिया? इसका जवाब ‘अवसर और आवश्यकता’ के राजनीतिक सिद्धांत में छिपा हुआ है। शिंदे BJP के नेतृत्व को यह दिखाना चाहते हैं कि उसके बाद राज्य में सबसे ताकतवर उनकी ही पार्टी है। इस तरह सत्ता पर देर-सबेर उनका ही दावा बनता है।

 

दूसरा कारण है नीलम से BJP की नाराजगी। सतारा जिला परिषद चुनाव के दौरान सत्तारूढ़ महायुति के नेताओं के साथ धक्कामुक्की व पुलिस कार्रवाई को लेकर नीलम ने एसपी तुषार दोशी और अन्य पुलिस अधिकारियों के निलंबन का आदेश दिया था। सीएम देवेंद्र फडणवीस इससे इतने नाराज हो गए कि उन्होंने कह दिया, उपसभापति का आदेश कोई ‘ब्रह्मवाक्य’ नहीं होता। कानूनी पेंच । सचिन 2022 में एकीकृत शिवसेना से विधान परिषद में चुने गए थे। पार्टी में फूट के बाद वह उद्धव के साथ रह गए। उन्होंने पार्टी बदली है, फिर भी दलबदल कानून के तहत कार्रवाई होने के आसार कम हैं। वह कह सकते हैं कि वह शिवसेना के सदस्य हैं और अब अधिकृत शिवसेना में हैं, इसलिए उन्होंने पार्टी नहीं बदली। यह कानूनी पेचीदगी का मामला है।

 

सचिन अहिर गैंगस्टर अरुण गवली के भांजे हैं। अरुण गवली की दिशा अलग थी, सचिन की दिशा रचनात्मक रही। वह 1993 में मुंबई में सक्रिय हुए। कांग्रेस से जुड़े इंटक से संलग्न ‘राष्ट्रीय मिल मजदूर संघ’ के महासचिव और अध्यक्ष रहे। 1999 में शरद पवार की NCP से वर्ली से विधायक बने।

‘ऑपरेशन टाइगर’ में जो तीन सांसद बचे, उनमें अरविंद सावंत और अनिल देसाई दक्षिण मुंबई के हैं व राजाभाऊ वाजे नासिक के। सचिन कम से कम मुंबई में सावंत और देसाई की चुनौतियों का सामना का सकते हैं। शिंदे के साथ जाने वाले 6 सांसदों में धाराशिव के ओमराज निंबालकर हैं। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार वहीं की हैं। पद्मसिंह पाटील उनके भाई हैं। निंबालकर और पाटील परिवार में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता पुरानी है। ओमराजे के पिता की हत्या का आरोप पद्मसिंह पर था, लेकिन 20 साल बाद वह निर्दोष बरी हुए हैं। पद्मसिंह के पुत्र राणा जगजीत सिंह BJP के साथ हैं और उनके प्रतिद्वंद्वी शिंदे सेना के साथ। आंकड़ों पर नजर । शिंदे के जरिए 6 सांसदों को लाने का जो ‘ऑपरेशन टाइगर’ चला, उसके पीछे BJP का राजनीतिक दांव अवश्य है। वह लोकसभा में चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम और नीतीश कुमार की JDU पर निर्भरता कम करना चाहती है। अब भी BJP लोकसभा में बहुमत के दो तिहाई आंकड़े से पीछे है, तो ‘ऑपरेशन टाइगर’ जैसे अभियान आगे भी चल सकते हैं। सचिन अहिर को उपसभापति पद देना और शिंदे के साथ आना इसी कड़ी का अंग लगता है। अब यह मोर्चा उद्धव के 20 विधानसभा सदस्यों की ओर भी बढ़ सकता है। शिंदे और BJP, दोनों इसके लिए उत्सुक दिखते हैं। सिर्फ टाइमलाइन का इंतजार है। इससे यह प्रश्न भी उपस्थित होता है कि आखिर उद्धव की सेना का क्या होगा, क्या वह अपने आप खत्म हो जाएगी? इसका जवाब फिलहाल ‘नहीं’ है। जब तक व्यक्ति आधारित राजनीति है, तब तक ऐसी पार्टियों का अस्तित्व टिका रहेगा। लेकिन, टिके रहने के लिए भी राजनीतिक शक्ति दिखानी होगी।

RELATED ARTICLES

पटना में BPSC परीक्षा को लेकर जोरदार प्रदर्शन, सरकार से बातचीत की मांग पर अड़े अभ्यर्थी

परीक्षा में गड़बड़ी की जांच की उठी मांग पटना। 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा को लेकर बिहार में छात्रों का आंदोलन एक बार...

CBI जांच पर सवाल उठाना कांग्रेस की हताशा, एजेंसी को अपना काम करने दें : विनोद चमोली

अंकिता प्रकरण पर कांग्रेस कर रही राजनीति, CBI तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कर रही जांच CBI जांच पर कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद, स्वतंत्र...

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के जन्मदिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन, 120 यूनिट हुआ रक्तदान

"सूर्यकांत धस्माना का सामाजिक जीवन प्रेरणा का स्रोत" - सुखविंदर कौर देहरादून: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

राज्य सहकारी नीति-2026 को कैबिनेट से मिली मंजूरी

ग्रामीण अर्थव्यवस्था व स्थानीय उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा सात रणनीतिक स्तम्भों पर आधारित होगी नई सहकारी व्यवस्था   देहरादून- सूबे में सहकारिता क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए...

त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी पर प्रशासन सख्त, मिठाई की दुकानों और डेयरी पर ताबड़तोड़ छापेमारी

मिलावटखोरों पर होगी कड़ी कार्रवाई   देहरादून। त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध...

मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने पर जोर, डीएम ने ईआरओ और बीएलओ को दिए सख्त निर्देश

एसआईआर कार्य में पारदर्शिता एवं शुद्धता के साथ करें नोटिसों की सुनवाई- डीएम   देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के तहत 1 जुलाई 2026 की...

सहसपुर में फिर शुरू होगी बंद पड़ी सिलाई यूनिट, ग्रामीण महिलाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

आधुनिक मशीनों से लैस होगा सहसपुर का कॉमन फैसिलिटी सेंटर देहरादून। जिला प्रशासन देहरादून की पहल से सहसपुर में लंबे समय से बंद पड़ी कॉमन...

पटना में BPSC परीक्षा को लेकर जोरदार प्रदर्शन, सरकार से बातचीत की मांग पर अड़े अभ्यर्थी

परीक्षा में गड़बड़ी की जांच की उठी मांग पटना। 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा को लेकर बिहार में छात्रों का आंदोलन एक बार...

मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में सड़क मरम्मत और सुधार कार्य युद्धस्तर पर शुरू किए जाएं- मुख्यमंत्री

देहरादून। प्रदेश में सड़कों की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी शुरू कर दी है।...

आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और बाजार मूल्यों की नियमित निगरानी करें अधिकारी- मुख्यमंत्री

कालाबाजारी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश   देहरादून। प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने और आम जनता को उचित...

मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में रक्षाबंधन व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान

जिलाधिकारी के निर्देशन में पौड़ी व यमकेश्वर में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 20 विधिक एवं सर्विलांस नमूने जांच के लिए भेजे गए एक्सपायर्ड व बिना...

सड़क सुरक्षा पर परिवहन विभाग का सख्त प्रहार: देहरादून संभाग में 3177 चालान, 198 वाहन निरुद्ध

परिवहन आयुक्त श्री रविनाथ रमन, आईएएस के निर्देश पर प्रदेशभर में चला विशेष सड़क सुरक्षा अभियान 24×7 प्रवर्तन: सड़क किनारे खड़े वाहनों, बाहर...

रक्षाबंधन पूर्व कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किया प्रतिभाग

विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया सम्मानित   हल्द्वानी। विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने रक्षाबंधन के पावन...